एकलव्य विश्वविद्यालय में “संगीत: तनाव से समाधान तक” विषय पर एकदिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को तनाव प्रबंधन में संगीत की महत्वपूर्ण भूमिका से अवगत कराया गया तथा विभिन्न रागों के माध्यम से मानसिक संतुलन और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने के उपाय बताए गए।
कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय की कुलाधिपति डॉ. सुधा मलैया जी, प्रतिकुलाधिपति श्रीमती रति मलैया जी एवं श्रीमती पूजा मलैया जी के संरक्षण तथा कुलगुरु डॉ. पवन कुमार जैन जी और कुलसचिव डॉ. प्रफुल्ल शर्मा जी के मार्गदर्शन में किया गया।
कार्यशाला के दौरान कुलगुरु डॉ. पवन कुमार जैन जी ने विद्यार्थियों को जीवन में तनाव और अवसाद से दूर रहने के लिए संगीत को सरल और प्रभावी माध्यम के रूप में अपनाने की प्रेरणा दी। वहीं कुलसचिव डॉ. प्रफुल्ल शर्मा जी ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि संगीत किस प्रकार मानसिक तनाव को कम करने और सकारात्मक सोच विकसित करने में सहायक होता है।
विषय विशेषज्ञ के रूप में प्रदर्शन कला विभाग की अध्यक्ष डॉ. स्वाति गौर जी ने विभिन्न प्रकार के तनाव और उनके समाधान में संगीत के अलग-अलग रागों की भूमिका पर प्रकाश डाला तथा उदाहरण के रूप में राग दरबारी और राग शंकरा का उल्लेख किया।
इस अवसर पर डीन अकादमिक डॉ. शमा जे खानम जी, छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. शैलेंद्र जैन जी, विज्ञान संकाय की अधिष्ठाता डॉ. निधि असाटी जी सहित विश्वविद्यालय परिवार के अनेक सदस्य एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. वैभव कैथवास जी द्वारा सभी सहभागियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। सभी उपस्थितजनों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए जीवन में संगीत को अपनाने का संकल्प लिया।

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