📚✨ नवाचार एवं उद्यमिता की ओर प्रेरक पहल ✨📚

एकलव्य विश्वविद्यालय, दमोह के स्कूल ऑफ बेसिक एंड एप्लाइड साइंसेज़ अंतर्गत गणित विभाग द्वारा “नवाचार एवं उद्यमिता : आत्मनिर्भर भारत की ओर मार्ग” विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को नवाचार, स्टार्टअप संस्कृति एवं आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। यह आयोजन माननीय कुलाधिपति प्रो. (डॉ.) सुधा मलैया जी, प्रति कुलाधिपति श्रीमती पूजा मलैया जी एवं श्रीमती रति मलैया जी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
इस अवसर पर माननीय कुलपति प्रो. पवन कुमार जैन जी एवं कुलसचिव डॉ. प्रफुल्ल शर्मा जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। डीन अकादमिक प्रो. शमा जे.पी. खानम जी, डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. शैलेन्द्र जैन जी, वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. एस. एन. झारोलिया जी एवं गणित विभागाध्यक्ष डॉ. कमलेश कुमार जी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
डॉ. प्रफुल्ल शर्मा जी ने नवाचार और उद्यमिता को उच्च शिक्षा का अभिन्न अंग बताते हुए विद्यार्थियों को शोध आधारित सोच एवं स्टार्टअप संस्कृति अपनाने के लिए प्रेरित किया।
प्रो. शमा जे.पी. खानम जी ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ व्यावहारिक ज्ञान एवं नवाचार को जोड़ने पर बल दिया।
डॉ. शैलेन्द्र जैन जी ने युवा शक्ति को भारत की सबसे बड़ी पूंजी बताते हुए आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता के महत्व को रेखांकित किया।
डॉ. एस. एन. झारोलिया जी ने विज्ञान, तकनीक एवं उद्यमिता के समन्वय को राष्ट्र प्रगति का आधार बताया।
डॉ. निधि असाटी जी (अधिष्ठाता, स्कूल ऑफ बेसिक एंड एप्लाइड साइंसेज़) ने नवाचार एवं उद्यमिता को वर्तमान समय की आवश्यकता बताते हुए विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर भारत निर्माण में सक्रिय भागीदारी हेतु प्रेरित किया।
संगोष्ठी में एमएससी के विद्यार्थियों अभिलाषा तिवारी जी, रिंकी सेन जी, रुचि पटेल जी, जतिन तिवारी जी, सत्यम लोधी जी, देवेंद्र प्यासी जी सहित अन्य विद्यार्थियों ने स्टार्टअप संस्कृति, रोजगार सृजन, महिला उद्यमिता, ग्रामीण विकास एवं तकनीकी नवाचार जैसे विषयों पर प्रभावशाली प्रस्तुतियाँ दीं।

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