एकलव्य विश्वविद्यालय में दो दिवसीय गरबा एवं डांडिया उत्सव संपन्न, 150 से अधिक विद्यार्थियों ने लिया भाग

एकलव्य विश्वविद्यालय के कला एवं मानविकी संकाय के प्रदर्शन कला विभाग एवं एकलव्य नाट्य मंच के संयुक्त तत्वावधान में 15 एवं 16 अक्टूबर को आयोजित दो दिवसीय गरबा एवं डांडिया उत्सव हर्षोल्लास और सांस्कृतिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। उत्सव में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के 150 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पारंपरिक वेशभूषा, लोक संगीत और गरबा-डांडिया की मनमोहक प्रस्तुतियों ने विश्वविद्यालय परिसर को उत्सव के रंगों से सराबोर कर दिया।
कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय की कुलाधिपति डॉ. सुधा मलैया की प्रेरणा, प्रति कुलाधिपति श्रीमती पूजा मलैया एवं श्रीमती रति मलैया के सृजनात्मक निर्देशन तथा कुलगुरु प्रो. (डॉ.) पवन कुमार जैन और कुलसचिव डॉ. प्रफुल्ल शर्मा एवं कला एवं मानविकी संकाय के अधिष्ठाता प्रो. आर.सी. जैन के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्री सिद्धार्थ मलैया, श्रीमती रोजी बग्गा एवं प्रो. किरण गोस्वामी की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ।
दो दिवसीय उत्सव के दौरान विद्यार्थियों ने गरबा की विभिन्न पारंपरिक शैलियों, जैसे दो ताली, तीन ताली, सात ताली, तीन ताली ‘हीच’, डांडिया एवं टिमली की आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों और तालबद्ध नृत्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को अपनी कला एवं नृत्य प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करने के साथ भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति जागरूकता और रुचि को प्रोत्साहित करना रहा।
उत्सव के दौरान विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। बालिका वर्ग में प्रज्ञा तिवारी (बैच नंबर 1) ने सर्वश्रेष्ठ नृत्य, दर्शना रोहितास (बैच नंबर 75) ने सर्वश्रेष्ठ वेशभूषा, रिया ठाकुर (बैच नंबर 159) ने सर्वश्रेष्ठ मेकअप तथा राशि जैन (बैच नंबर 141) ने ओवरऑल श्रेणी में स्थान प्राप्त किया।
वहीं बालक वर्ग में अजय (बैच नंबर 73) को सर्वश्रेष्ठ नृत्य, सत्येंद्र यादव (बैच नंबर 99) को सर्वश्रेष्ठ वेशभूषा तथा शुभम विश्वकर्मा (बैच नंबर 67) एवं अर्थ जैन (बैच नंबर 35) को ओवरऑल श्रेणी में विजेता घोषित किया गया। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में श्रीमती खुशबू सुरेखा एवं श्रीमती रोजी बग्गा शामिल रहीं।
कार्यक्रम के प्रभारी एवं प्रदर्शन कला विभागाध्यक्ष डॉ. वैभव कैथवास के नेतृत्व में आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। आयोजन में डॉ. प्रीति गुप्ता, डॉ. प्रदीप कुमार निवोरिया, श्री भरत भट्ट, श्री तपन कुमार साहू एवं श्री भरत राय का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। ध्वनि व्यवस्था की जिम्मेदारी श्री यशपाल ठाकुर एवं उनकी तकनीकी टीम ने संभाली। दस्तावेजीकरण एवं अनुशासन व्यवस्था में श्री संजय कुमार शुक्ला तथा मंच सज्जा में श्री रितेश विश्वकर्मा, डॉ. सरिता पांडेय एवं उनकी टीम का सराहनीय योगदान रहा। कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. हृदय नारायण तिवारी ने किया।
एकलव्य नाट्य मंच परिवार ने आयोजन को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी संकाय सदस्यों, कर्मचारियों, तकनीकी एवं प्रशासनिक टीम तथा विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उत्सव में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी और आकर्षक प्रस्तुतियों ने इसे यादगार बना दिया। यह आयोजन विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच प्रदान करने के साथ भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
