अंतर्राष्ट्रीय नृत्य दिवस पर एकलव्य विश्वविद्यालय में भव्य नृत्य प्रतियोगिता
एकलव्य विश्वविद्यालय दमोह में 29 अप्रैल 2026 अंतर्राष्ट्रीय नृत्य दिवस के अवसर पर कला एवं प्रदर्शन विभाग के ओडिसी नृत्य विभाग द्वारा विभिन्न शैलियों में नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह नृत्य प्रतियोगिता विश्वविद्यालय की कुलाधिपति डॉ. सुधा मलैया, प्रति कुलाधिपति श्रीमती पूजा मलैया, श्रीमती रति मलैया के कुशल नेतृत्व में कुलगुरू प्रोफेसर पवन कुमार जैन एवं कुलसचिव डॉ. प्रफुल्ल शर्मा के निर्देशन में किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि कुलगुरु प्रोफेसर डॉ. पवन कुमार जैन, कुलसचिव डॉ. प्रफुल्ल शर्मा, अधिष्ठाता अकादमिक डॉ. शमा जेपी खानम, डीपीएस प्राचार्य श्रीमती अंजलि शिंदे एवं निर्णायक मंडल में आदर्श संगीत महाविद्यालय, सागर की कथक नृत्य सहायक प्राध्यापक सुश्री आरोही श्रीवास्तव, सुश्री कल्याणी ताम्रकार, संगीत विभागाध्यक्ष डॉ. स्वाति गौर, डॉ. वैभव कैथवास एवं सुश्री यामिनी गेडाम की गरिमामयी उपस्थिति में नृत्य प्रतियोगिता सम्पन्न हुई। प्रतियोगिता की समन्वयक विज्ञान संकाय अधिष्ठाता डॉ. निधि असाटी एवं संयोजक ओडिसी नृत्य विभाग के सहायक प्राध्यापक श्री तपन कुमार साहू के अथक प्रयास से इसे मूर्त रूप दिया गया। इस प्रतियोगिता में देश के अलग-अलग राज्यों से आए प्रतिभागियों ने अपने नृत्य के माध्यम से दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के चरणों में दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इसके बाद अतिथियों का स्वागत पौधा एवं स्मृति चिन्ह देकर किया गया। विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रो.पवन कुमार जैन ने सभी का स्वागत करते हुए बताया कि एकलव्य विश्वविद्यालय दमोह में अंतर्राष्ट्रीय नृत्य दिवस के अवसर पर बुंदेलखंड ही नहीं अपितु संपूर्ण प्रदेश एवं देश की नृत्य में रुचि रखने वाली सभी प्रतिभाओं को बेहतर मंच प्रदान करने के उद्देश्य की पूर्ति हेतु इस नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है, इसमें विभिन्न नृत्य शैलियों जैसे ओडिसी, भरतनाट्यम, कथक के अलावा बुंदेलखंड के नृत्य को भी शामिल किया गया है। नृत्य केवल मनोरंजन का साधन न होकर व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक तनाव को कम करने में सहायक सिद्ध होती है।कुलसचिव डॉ. प्रफुल्ल शर्मा ने सभी प्रतिभागियों को आशीष देते हुए बताया कि एकलव्य विश्वविद्यालय में नृत्य और संगीत की सभी विधाओं में पारंगत प्राध्यापकों के कुशल निर्देशन में नृत्य की शैलियों में और अधिक निखार लाया जा सकता है। अधिष्ठाता अकादमिक डॉ. शमा जेपी खानम ने भी सभी प्रतिभागियों को आत्म विश्वास के साथ प्रतियोगिता में हिस्सा लेने की बात कही। इस प्रतियोगिता में ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से पंजीकृत लगभग 100 से अधिक प्रतिभागियों ने प्रतिभाग लिया और नृत्य का उत्कृष्ठ प्रदर्शन किया। इसमें तीन आयु स्तर 7 से 12 वर्ष, 13 से 17 वर्ष एवं 17 से ऊपर आयु के प्रतिभागियों ने नृत्य कौशल को प्रदर्शित किया। एकल, युगल एवं समूह तीनों रूपों में नृत्य प्रतिभा का प्रदर्शन कर निर्णायक मंडल द्वारा चयनित प्रत्येक वर्ग के विजेताओं को नृत्य अवॉर्ड, मैडल एवं प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। इसमें सब जूनियर अर्थात 7 से 12 वर्ष आयु वर्ग में विशाखा पालीवाल को प्रथम स्थान, अर्घ्या एवं आर्या को द्वितीय स्थान और सौम्या एवं अनुष्का को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। जूनियर अर्थात 13 से 17 वर्ष आयु वर्ग में अनुभा को प्रथम, पदमिनी को द्वितीय और ममता को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। इस तरह 17 वर्ष आयु वर्ग के ऊपर सीनियर ग्रुप में सुरभि को प्रथम, खुशी को द्वितीय एवं रूपल जैन को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। युगल नृत्य में प्रथम आयु वर्ग भूमि और श्रव्या, द्वितीय आयु वर्ग में ममता और अनुबा, तृतीय आयु वर्ग में अनुष्का और चंचल को प्रथम एवं द्वितीय स्थान ऐश्वर्या और ऐशना ने प्राप्त किया। सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र एवं मेडल देकर सम्मानित किया गया साथ ही निर्णायक मंडल के निष्पक्ष निर्णय के आधार पर चयनित प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह, मेडल, प्रमाणपत्र एवं सम्मान राशि देकर मंच द्वारा सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में संयोजक श्री तपन कुमार साहू द्वारा सभी के प्रति आभार व्यक्त किया गया। संपूर्ण नृत्य प्रतियोगिता का कुशल मंच संचालन हिंदी विभाग के सहायक प्राध्यापक लेफ्टिनेंट डॉ. हृदय नारायण तिवारी द्वारा किया गया। इस नृत्य प्रतियोगिता को एक हजार से अधिक दर्शकों ने उत्साहपूर्वक देखा और सराहना की। इस गरिमापूर्ण कार्यक्रम में सभी संकायों के अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति रही।

