एकलव्य विश्वविद्यालय में पृथ्वी दिवस पर वर्मी कम्पोस्टिंग तकनीक पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

एकलव्य विश्वविद्यालय के पृथ्वी संगठन क्लब, कृष धर क्लब एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वाधान में “Sustainable Bio-Waste Management Through Vermicomposting Techniques” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन 22 अप्रैल 2026 को पृथ्वी दिवस के अवसर पर किया गया।इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को जैव अपशिष्ट प्रबंधन एवं वर्मी कम्पोस्टिंग की वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक तकनीकों से अवगत कराना था। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए पर्यावरण संरक्षण एवं सतत कृषि के महत्व को समझा।कार्यक्रम विश्वविद्यालय की कुलाधिपति डॉ. सुधा मलैया, प्रति कुलाधिपति श्रीमती पूजा मलैया एवं श्रीमती रति मलैया के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस अवसर पर कुलगुरु प्रो. (डॉ.) पवन कुमार जैन, कुलसचिव डॉ. प्रफुल्ल शर्मा, डीन अकादमिक अधिष्ठाता डॉ. शमा खानम, छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. शैलेन्द्र जैन, कृषि संकाय अधिष्ठाता डॉ. ओमपाल सिंह तथा पृथ्वी संगठन क्लब प्रभारी डॉ. रागनी भार्गव एवं डॉ. सुभाष वर्मा का विशेष योगदान रहा।इस अवसर पर कुलगुरु प्रो. (डॉ.) पवन कुमार जैन ने अपने वक्तव्य में कहा कि वर्मी कम्पोस्टिंग तकनीक न केवल जैव अपशिष्ट के प्रभावी प्रबंधन का माध्यम है, बल्कि यह सतत कृषि की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विद्यार्थियों को इस प्रकार की तकनीकों को अपनाकर पर्यावरण संरक्षण में योगदान देना चाहिए।डीन अकादमिक अधिष्ठाता डॉ. शमा खानम ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करती हैं, जिससे वे अपने कौशल का विकास कर भविष्य में रोजगार के नए अवसर प्राप्त कर सकते हैं।छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. शैलेन्द्र जैन ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी को पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी समझनी होगी और वर्मी कम्पोस्टिंग जैसी तकनीकों को अपनाकर स्वच्छ एवं हरित भारत के निर्माण में योगदान देना चाहिए। वर्मीकम्पोस्ट पर हैंड्स ऑन ट्रैंनिंग डॉ. शमा खानम , डॉ. सुभास वर्मा , एवं मंजुल जैन के द्वारा दी गई । कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. मोनिका पटेल तथा आभार डॉ. रागनी भार्गव के द्वारा किया गया । इस कार्यशाला पर एकलव्य विश्वविद्यालय से डॉ. सूर्यनारायण गौतम, डॉ. सुमित नारायन जरोलिया , डॉ. अनिल कुमार, डॉ. राघवेन्द्र तिवारी, डॉ. अक्षय कुमार, डॉ. रामदिन कुमार, डॉ. सरिता पराडकर सहित समस्त अधिष्ठातागण, विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक , सहायक प्राध्यापक एवं बड़ी मात्रा में विद्यार्थियों की उपस्थिति रही ।

 

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