Historical presence of Eklavya University on the path of duty 
77वें गणतंत्र दिवस समारोह में कर्तव्य पथ पर
एकलव्य विश्वविद्यालय की गौरवपूर्ण सहभागिता
नई दिल्ली, 26 जनवरी 2026: – भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित भव्य राष्ट्रीय परेड में एकलव्य विश्वविद्यालय ने गर्व के साथ सहभागिता की। यह क्षण विश्वविद्यालय, उसके छात्र-छात्राओं तथा समस्त शैक्षणिक समुदाय के लिए अत्यंत गौरव और सम्मान का प्रतीक रहा। इस राष्ट्रीय समारोह में एकलव्य विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने अपनी सांस्कृतिक प्रतिभा, अनुशासन और समर्पण से देशभर का ध्यान आकर्षित किया। एकलव्य विश्वविद्यालय के कुलाधिपति माननीय डॉ. सुधा मलैया, प्रो. कुलाधिपति श्रीमती पूजा मलैया एवं श्रीमती रति मलैया के साथ-साथ माननीय कुलपति प्रो. डॉ. पवन कुमार जैन तथा कुलसचिव प्रो. डॉ. प्रफुल्ल शर्मा के कुशल मार्गदर्शन एवं प्रेरणा में विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने इस प्रतिष्ठित आयोजन में भाग लिया। विश्वविद्यालय प्रशासन के निरंतर सहयोग और नेतृत्व ने विद्यार्थियों को राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने का सुअवसर प्रदान किया। इस समारोह में एकलव्य विश्वविद्यालय के ओडिसी विभाग के सहायक प्राध्यापक श्री तपन कुमार साहू की विशेष भूमिका रही। उन्होंने गणतंत्र दिवस समारोह में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों शिवम विश्वकर्मा, सतेन्द्र यादव, अर्थ तारण, अभिनंदन जैन एवं सरिता साहिल सहित अन्य कलाकारों के नृत्य संयोजक एवं टीम लीडर के रूप में महत्वपूर्ण दायित्व निभाया। उनके कुशल निर्देशन और अथक परिश्रम के परिणामस्वरूप छात्रों ने पारंपरिक घोड़ा नृत्य की भव्य प्रस्तुति दी, जो समारोह का प्रमुख आकर्षण
बनकर उभरी। ओडिसी नृत्य एवं घोड़ा नृत्य की सशक्त प्रस्तुति ने भारतीय लोककला और सांस्कृतिक विरासत की समृद्ध परंपरा को दर्शाया। ओडिसी शैली में प्रस्तुत इस नृत्य ने न केवल दर्शकों का मन मोह लिया, बल्कि भारत की विविध सांस्कृतिक पहचान को भी सशक्त रूप से उजागर किया। एकलव्य विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं की नृत्य प्रस्तुति ने समारोह की गरिमा को और अधिक बढ़ाया तथा राष्ट्रीय मंच पर विश्वविद्यालय की सृजनात्मक प्रतिभा को स्थापित किया। इस वर्ष के गणतंत्र दिवस समारोह की मुख्य थीम “स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम्, समृद्धि का मंत्र – आत्मनिर्भर भारत” रही। एकलव्य विश्वविद्यालय की सांस्कृतिक प्रस्तुति ने इस थीम को पूर्ण रूप से चरितार्थ किया और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के साथ भारतीय परंपरा, कला और संस्कृति का सशक्त संदेश दिया। प्रस्तुति के उपरांत एकलव्य विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं को भारत की राष्ट्रपति महोदया, माननीय प्रधानमंत्री जी, भारत के शिक्षा मंत्री तथा अन्य माननीय मंत्रियों से भेंट करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। यह क्षण विद्यार्थियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायी और अविस्मरणीय रहा। 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में एकलव्य विश्वविद्यालय की सहभागिता न केवल विश्वविद्यालय के लिए, बल्कि समस्त प्रदेश और देश के लिए गर्व का विषय है। यह उपलब्धि विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक प्रतिबद्धता का सशक्त प्रमाण है।
